राष्ट्रीय वैश्य चेतना महासभा के क्रियाशील कार्यकर्ताओं की बैठक
बिहार की राजधानी पटना के हनुमान नगर के स्टेट बैंक के सामने,उज्जवल पैलेस प्रांगण में राष्ट्रीय वैश्य चेतना महासभा के क्रियाशील कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित किया गया l जिसकी अध्यक्षता नंदकिशोर पोद्दार ने किया तथा मंच संचालन डॉ अनिल कुमार अनल ने किया l मुख्य अतिथि महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ राजकुमार आज़ाद ने सम्बोधित करते hue कहा कि राजनीति का अर्थ राजा की नीति होती है l अर्थात राजनीति की उत्पत्ति राजा से हुआ है l हिंदुस्तान में वैश्य के नाम पर सैकड़ों संगठन चल रहा है l सम्पूर्ण हिंदुस्तान में एक मात्र संगठन " राष्ट्रीय वैश्य चेतना महासभा वैश्य को महाराजा समुद्रगुप्त जैसा महाराजा तथा वैश्य समाज को शासक बनाने हेतु दृढ़ संकल्पित है l मुख्य वक्ता राष्ट्रीय संरक्षक मथुरा बाबू ने सम्बोधित करते हुए कहा कि ज़ब तक वैश्य को जबतक बिहार का मुख्य मंत्री नहीं बनाऊंगा तब तक चैन से नहीं बैठूंगा l विशिष्ट अतिथिगण महनार के वैश्य के बेताज बादशाह सहदेव साह,श्री मति शीतल गुप्ता,सासाराम के धर्मेंद्र गुप्ता, डॉ रतन गाँधी, सत्यनारायण साहू,आदि नेताओं ने सम्बोधित किया l स्वागताध्यक्ष महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शिव कुमार स्पंदन ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं चाणक्य की भांति प्रतिज्ञा करता हूँ कि जबतक बिहार सहित सभी राज्यों में वैश्य को मुख्यमंत्री नहीं बनाऊंगा ना तो खुद चैन से बैठूंगा और ना ही हिंदुस्तान के वैश्य को बैठने दूंगा l फिर उन्होंने कहा कि जबतक जिन्दा रहूंगा, वैश्य को शासक बनाने हेतु ही जिन्दा रहूंगा lस्वागताध्यक्ष महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व डिपुटी कलेक्टर आदित्य शिवमशंकर गुप्ता ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जो दो या तीन फीसदी आबादी वाला पालकी में राजा की तरह बैठा हुआ है l दुर्भाग्य है हिंदुस्तान के 28% वैश्य का जो पालकी ढोने वाला कहरिया बनकर दो तीन फीसदी का पालकी ढो रहा है l फिर दृढ़ संकल्प लेते हुए कहा कि जबतक 28% वैश्य को शासक नहीं बनाऊंगा, चैन से नहीं बैठूंगा l आयोजक
बिहार प्रदेश के पदाधिकारियों ने सभी आगत अतिथियों को चादर ओढ़ाकर सम्मानित किया l कार्यक्रम में आये हुए सभी क्रियाशील कार्यकर्ताओं ने वैश्य को शासक बनाने हेतु करतल ध्वनि के साथ हाथ उठाकर स्वीकृति प्रदान किया l







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